लोरम इप्सम की उत्पत्ति
लोरम इप्सम 1500 के दशक से उद्योग का मानक डमी टेक्स्ट रहा है। इसकी जड़ें 45 ईसा पूर्व के शास्त्रीय लैटिन साहित्य में हैं।
स्रोत: सिसेरो का "डे फिनिबस"
लोरम इप्सम सिसेरो की "डे फिनिबस बोनोरम एट मलोरम" (अच्छाई और बुराई के चरम) से आया है, जो 45 ईसा पूर्व में लिखा गया था।
डिज़ाइनर लोरम इप्सम का उपयोग क्यों करते हैं
- डिज़ाइन पर ध्यान केंद्रित करें: पढ़ने योग्य अंग्रेजी का उपयोग लेआउट और टाइपोग्राफी से ध्यान भटकाएगा
- स्वाभाविक वितरण: लोरम इप्सम पढ़ने योग्य सामग्री की तरह दिखता है, न कि स्पष्ट रूप से नकली
- उद्योग मानक: मॉकअप को परिचित और पेशेवर बनाता है
लोरम इप्सम का उपयोग कब करें
- प्रारंभिक डिज़ाइन चरण जब लेआउट सामग्री से अधिक महत्वपूर्ण होता है
- क्लाइंट प्रस्तुतियों में जब अंतिम कॉपी उपलब्ध नहीं होती
- टेम्पलेट विकास में टेक्स्ट प्लेसमेंट दिखाना
- टाइपोग्राफी परीक्षण में फॉन्ट और स्पेसिंग का मूल्यांकन करना
लोरम इप्सम का उपयोग कब न करें
- उपयोगकर्ता परीक्षण: वास्तविक सामग्री अधिक सटीक फीडबैक देती है
- अंतिम डिज़ाइन: लॉन्च से पहले हमेशा बदलें
- सामग्री-निर्भर लेआउट: जब सामग्री की लंबाई डिज़ाइन को प्रभावित करती है
निष्कर्ष
लोरम इप्सम डिज़ाइनरों के लिए प्लेसहोल्डर टेक्स्ट का विश्वसनीय उपकरण बना हुआ है। अपने प्रोजेक्ट के लिए सही मात्रा बनाने के लिए हमारे मुफ्त लोरम इप्सम जनरेटर का उपयोग करें।
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